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Shocking : जालंधर में सामने आई अस्पताल की असंवेदनशीलता – तड़पते तड़पते मरीज एंबुलेंस में ही तोड़ गया दम

फुटबॉल चौक के निकट निजी अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में मरीज ढाई घंटे तक पड़ा रहा लेकिन अस्पताल ने उसको दाखिल ही नहीं किया। बाद में युवक की मौत हो गई। वह अस्पताल में दो माह तक दाखिल रहा था और 12 लाख रुपये बिल वसूलकर चिकित्सकों ने उसको दो दिन पहले अस्पताल से निकाल दिया था। देर शाम तक मृतक के परिवार वाले अस्पताल के बाहर जमीन पर बैठकर रोष प्रदर्शन कर रहे थे।
गांव मल्लीवाल के रहने वाले जगजीत सिंह और उसके पिता सतपाल का 12 अप्रैल को एक्सीडेंट हो गया था। इसमें सतपाल की मौत हो गई थी जबकि जगजीत सिंह के सिर पर गहरी चोट आई थी। उसे फुटबाल चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां दो माह तक उसका इलाज चला और चिकित्सकों ने इलाज के नाम पर परिवार से 12 लाख रुपये लिए।

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